घूमने का शौकआज भी वैसा ही था। बस फर्क इतना था कि अब जिंदगी में नौकरी और जिम्मेदारियाँ भी ...
बहन की शादी को अब करीब दो महीने ही बचे थे। शादी की शॉपिंग के लिए मैंने अपनी बहन ...
नौकरी ढूँढनी है और किसी भी तरह अपने पैरों पर खड़ा होना है।देहरादून पहुँचे तो असली परीक्षा शुरू हुई।तभी ...
गुस्सा चार मिनट का था, लेकिन उसके निशान कई सालों के रह गए।एक साल बाद हमारे रिश्ते को आखिरकार ...
अब समय वो आ गया था, जब मेरी जिंदगी में एक ऐसे इंसान की एंट्री होने वाली थी, जिसने ...
उसी समय मैं पहली बार रुद्रनाथ मंदिर की यात्रा पर गया।करीब 25 किलोमीटर की पैदल यात्रा, पाँच दोस्त और ...
रात का समय था। मैं उन दिनों जोशीमठ में कॉलेज करता था और अपने रूम पार्टनर के साथ रहता ...
नई जगह, नया जीवनआखिरकार मैं अपनी दादी के रिश्तेदारों के घर रहने चला गया।शुरुआत में सब कुछ थोड़ा नया-नया ...
जन्म से कॉलेज तकमेरा नाम अंकित है। मैं उत्तराखंड के चमोली जिले के एक छोटे से गाँव, त्रिकोट, का ...