वही शून्य है।ज्ञान का बोझ और शून्यमनुष्य बड़ा विचित्र प्राणी है।वह जीवन को जीने से ज्यादा,जीवन को समझने की ...
विरोध नहीं, जागरणकेवल बात करने से यदि सब कुछ संभव होता, तो यह संसार कब का स्वर्ग बन गया ...
धर्म का स्वप्न और सत्य का जागरणवेदांत 2.0 के परिप्रेक्ष्य में मन, अहंकार और विश्वास का अध्ययनअज्ञात अज्ञानीIndependent Researcher ...
समकालीन अद्वैत वेदान्त का दार्शनिक विश्लेषण: संस्थागत ढाँचे, तार्किक व्याख्याएँ और 'वेदान्त 2.0' का शून्य-बिंदु चेतना सिद्धांतअद्वैत वेदान्त की ...
अध्याय : फल से कारण तक — रूप के पार निराकार सत्यबीज-वाक्य“फल को मत पकड़ो, कारण तक जाओ।रूप को ...
जो हो रहा है, अच्छा हो रहा हैकर्म से दृष्टा तकलेखक : Agyat Agyaniप्रस्तावना — पहला सारयह पुस्तक किसी ...
1. पुस्तक विवरण - Description Vedanta 2.0 : सत्य की पहली धड़कन सत्य कहाँ है - बाहर ...
शिक्षा स्मृति है, शास्त्र संकेत है, दृष्टि बोध है।जब मन कहता है—“कृष्ण ऐसे थे।”“बुद्ध ऐसे थे।”“राम ऐसे थे।”तो वह ...
0 — कर्ता का अंत, होना शेष0 केवल शांति नहीं है।0 केवल विचारों का रुक जाना नहीं है।0 केवल ...
उत्तर बेचने वाले गुरु और खोता हुआ प्रश्नआज आध्यात्मिक बाजार में एक विचित्र स्थिति दिखाई देती है—प्रश्न भी गुरु ...