देश हमारा, घर हमारा कमल चोपड़ा सरला मैडम के दायें हाथ में पट्टी बँधी हुई थी। पढ़ाते-पढ़ाते वे बार-बार अपने बायें हाथ से अपनी दाईं कलाई को दबा रही थीं। जाहिर था उन्हें हाथ में दर्द हो रहा था। पढ़ाते-पढ़ाते मैडम ने चॉक उठाकर बोर्ड पर कुछ लिखने की कोशिश की तो दर्द के मारे उनसे लिखा नहीं गया। मैडम को चुपचाप कुछ देर योंही खड़ा देखकर सजग ने पूछ ही लिया कि मैडम आपके हाथ पर चोट कैसे लग गई?धीरे से मैडम ने कहा कि आज सुबह मैं स्कूल आ रही थी