शहद की गुड़िया - प्रकरण 91 " उस के बाद गरिमा ने उस के चरित्र के बारे में लोगो को सच्चाई से अवगत किया था. गौरवने भी उस की प्रशंसा के पुल बांधे थे." " उस वक़्त बच्चा नीला की गोद में सोया हुआ था." " स्नेहा अपने आंसू रोक नहीं पा रही थी." " बिभूति उसे अपनी गोद में बिठाकर प्यार की वर्षा क़र रही थी. " " उस वक़्त एक ही शख्स इस सभा में मौजूद नहीं था और वह था हसमुख. उस ने संभव का सब कुछ छिन लिया था . भगवान ने उस के कुकर्मो