Chapter 1: मजबूरी का रिश्ताहवा में अजीब सी ठंडक थी… पर अनाया के दिल में उससे भी ज्यादा सन्नाटा।दिल्ली की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर पली-बढ़ी वो लड़की आज इस वीरान बॉर्डर एरिया में खड़ी थी… जहाँ हर सांस के साथ खतरा महसूस होता था।“पापा, हम यहाँ क्यों आए हैं?” उसने धीमे से पूछा।उसके सामने खड़े थे कर्नल अर्जुन सिंह—एक सख्त, अनुशासित और देश के लिए जान देने वाले सैनिक।उन्होंने उसकी तरफ देखा, पर उनकी आँखों में आज कुछ अलग था… जैसे कोई बड़ा फैसला उन्हें अंदर से तोड़ रहा हो।“अनाया… जो मैं कहने जा रहा हूँ, वो तुम्हारी जिंदगी बदल