धरतीपुत्र

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धरतीपुत्र — एक साहसिक गाथा (संवेदनाओं और संघर्ष की विस्तृत कथा )कोयले की धूल और पत्थरों की चोटों के बीच जीवन बिताने वाले बाबूराम हेंब्रम का चेहरा हमेशा धूप में तपे खेत जैसा दिखता था — कठोर, पर भीतर से जीवनदायी।उनकी अपनी कोई संतान नहीं थी, पर भाई का बेटा अनिल ही उनका सब कुछ था।उनके भाई फागू हेंब्रम की मृत्यु ज़हरीले सांप के काटने से हो गई थी। समय पर अस्पताल पहुंचने का रास्ता भी गांव में ठीक से नहीं था।अनिल की मां अपने पति की मृत्यु के गहरे सदमे में डूब गई।एक रात वह बच्चे को दूध