"छोटी बीबी आपको बेगम साहेबा ने बुलाया है अपने कमरे में".........मुलाज़िमा ने आकर इत्तेला दी थी "ठीक है आती हूं मैं ,तुम चलो"उसने बिखरे बालों को दोनो हाथो से समेट कर जूड़ा बनाते हुए उसे जाने का ईशारा किया था आज वह यूनिवर्सिटी जाने के बजाए घर ही थी। "पता नही क्या काम होगा" !!! पाँव में स्लीपर डाल कर सोचती हुई वह उठ खड़ी हुई। "जी फुप्पो बुलाया आपने" ???वह उनके कमरे में दाखिल होती पूछ रही थी। "हां बच्चे आओ बैठो" …. . .वह बैठी उसी का इंतेज़ार कर रही थीं। "जी , क्या बात है सब खैरियत"??? उस ने पूछा। "तुम आज यूनिवर्सिटी नहीं गईं"