कमरे का भारी और स्वचालित दरवाज़ा आर्यन के बाहर जाते ही एक कड़क आवाज़ के साथ बंद हो गया। उस भारी सन्नाटे में माया काफी देर तक बेड पर सिमटी हुई पड़ी रही। उसकी आँखें लाल थीं और गालों पर आँसुओं के निशान सूख चुके थे। सामने बेड पर रखी वह लाल सिल्क की साड़ी किसी बेहद खूबसूरत ज़ंजीर की तरह चमक रही थी। माया ने उस कीमती कपड़े को छुआ, तो उसे एहसास हुआ कि यह सिर्फ़ एक लिबास नहीं, बल्कि आर्यन मल्होत्रा के मालिकाना हक़ की एक नई मुहर थी।माया ने खुद को संभाला, बेड से नीचे पैर