एसीपी विक्रम और अलीशा ने उन तीनों पर बंदूक तान दी।“मैडम, आप ठीक हैं?” विक्रम ने चिंता से पूछा।शक्ति ने खुद को संभालते हुए कहा—“मैं ठीक हूँ। इन्हें ले जाओ और लॉकअप में बंद कर दो।”दो कॉन्स्टेबल आगे आए। उन्होंने तीनों लड़कों को कॉलर से पकड़कर उनके हाथों में हथकड़ी लगाई और उन्हें पुलिस जीप की ओर ले जाने लगे।और शक्ति के इशारे पर पुलिस की जीप थाने के लिए रवाना हो गई। अब वहाँ सिर्फ शक्ति, अलीशा और शिवानी रह गए थेशिवानी अचानक शक्ति के गले से आ लगी। वह बुरी तरह रो रही थी और उसकी आँखों से