हुक्म और हसरत #Arsia"अब आगे…”एपिसोड 23 — "दुश्मन बाहर नहीं है..."अर्जुन की आँखें महल की तरफ़ उठीं।उसकी मुट्ठी फोन पर कस गई।"वो हमारे बीच है।" विवेक ने कुछ कहने के लिए मुँह खोला ही था कि अर्जुन के फोन पर वीर का एक और मैसेज आया।"बॉस... एक और चीज़ मिली है।"अर्जुन ने तुरंत स्क्रीन खोली।एक सीसीटीवी फुटेज थी।फुटेज में सिया के कमरे के बाहर का गलियारा दिखाई दे रहा था।समय था—रात 11:47। अर्जुन की भौंहें सिकुड़ गईं।"ज़ूम करो।"वीर ने फुटेज ज़ूम की।कुछ सेकंड बाद स्क्रीन पर एक धुँधली-सी परछाईं दिखाई दी।एक आदमी...सिया के कमरे के बाहर।अर्जुन की आँखें उसी पर टिक