चांद तुम्हे मुबारक - 2

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अध्याय 2: नई शुरुआत और एक अनकहा अहसासपिछले अध्याय में हमने देखा कि मैं मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज (MCC) के विशाल प्रांगण में पहुँच गया था। कॉलेज इतना विशाल था कि हॉस्टल ढूंढने में ही मुझे घंटों लग गए। जब मैं अपने हॉस्टल के कमरे में पहुँचा, तो देखा कि वहाँ पहले से ही तीन लड़के मौजूद थे। कमरे में चार बेड का एक बड़ा सेक्शन था, जो ऊपर-नीचे (Bunk beds) बना हुआ था।सब कुछ व्यवस्थित करने के बाद, मैंने अपने रूममेट्स से बात करना शुरू किया। चारों लड़के स्वभाव से बहुत अच्छे थे। एक का नाम रवि था, दूसरे का