अर्धांगिनी की चुप्पी

(54)
  • 2.2k
  • 642

अर्धांगिनी की चुप्पी भाग – 1से भाग 5  जब वो बोलती थी... और किसी ने सुना नहीं।━━━━━━━━━━━━━━ ━━━━━━━━━━━━━━ प्रिय पाठकों...कभी-कभी रिश्ते एक दिन में नहीं टूटते...वे हर दिन थोड़े-थोड़े मौन में बिखरते हैं।यह कहानी केवल सीमा और राजेश की नहीं...यह उन अनगिनत घरों की कहानी है,जहाँ एक अर्धांगिनी बोलना तो चाहती है...लेकिन उसे सुनने वाला कोई नहीं होता।आइए... इस भावनात्मक यात्रा की शुरुआत करते हैं।━━━━━━━━━━━━━━ ━━━━━━━━━━━━━━ सुबह के पाँच बजे थे...पूरी कॉलोनी अभी नींद में थी...लेकिन उस छोटे-से घर की रसोई में जीवन जाग चुका था।गैस पर चाय उबल रही थी...आटे की लोइयाँ तैयार थीं...बच्चों के टिफ़िन