Shakti ke Shiv - 25

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अगली सुबह...बनारस की सड़कों पर रोज़ की तरह भीड़ थी, लेकिन शक्ति की नज़र उस भीड़ में किसी और को ढूँढ़ रही थी।वह अपनी गाड़ी से अलग-अलग रास्तों पर घूम रही थी।कल शाम पकड़े गए उन लोगों से पूछताछ में कुछ अहम जानकारी मिली थी।उनका कहना था कि उन्हें फोन पर एक आदमी instructions देता था। वे लोग सुनसान रास्तों या बाज़ारों में अकेली लड़कियों को निशाना बनाते और फिर उन्हें एक बड़े network तक पहुँचाते थे।सबसे बड़ी बात...जिस आदमी से उन्हें orders मिलते थे, उसका network सिर्फ़ एक जगह तक सीमित नहीं था।बनारस के कई इलाकों में उसके लोग फैले हुए