वह गुप्त केबिन नीली और सुनहरी लाइटों की चकाचौंध से जगमगा रहा था। स्पेसशिप के भीतर हवा में तैरते हुए डेटा पार्टिकल्स और होलोग्राफिक स्क्रीन किसी साइंस-फिक्शन फिल्म का सेट लग रहे थे, लेकिन वहाँ जो ड्रामा चल रहा था, वह हॉलीवुड और बॉलीवुड दोनों के बस का नहीं था।सामने खड़ी सिल्वर स्पेस सूट वाली अंतरिक्ष की अप्सरा ने अपनी जादुई, गूंजती हुई और मशीनी रूप से सुरीली आवाज़ में जब पूछा—माइ कोड नेम P444... एंड यू?तो हमारे अपने प्यारे पिंकू पांडे की बत्ती एकदम गुल हो गई। मुँह का पान (जो बनारसी मग्ही पान था और जिसके बिना पिंकू