“चलो” !!!! वह उसे साथ लिये डाइनिंग रूम में आ गई जहां अभी टेबल खाली थी। “बैठो” उसे कह कर वह खुद भी साथ वाली चेयर पर बैठ गई। “अस्सलामु अलेयकुम"शहरयार ने वहां दाखिल होते हुए अपने खास अंदाज़ से सलाम किया था। “वालेयकुम अस्सलाम”दोनो ने एक साथ जवाब दिया तो शहरयार एक नयी लड़की को वहां देख कर थोड़ा कन्फ्यूज़ हो गया। “यह मेरी फ्रैंड है नादिया , दादू को देखने के लिये हम लोग साथ ही जाएंगे “उसकी नज़रों में सवाल देख कर शिफ़ा ने बिना कुछ पूछे ही उसे बताया था। “ओके” !!! वह मुस्कुरा कर उनकी तरफ देखे बग़ैर ही हां में सर