जब रिश्ता प्यार बन जाए. - 17

  • 720
  • 210

  Episode 17 – जहाँ “हम” कहा गया कुछ रिश्तों मेंसब तय हो जाने के बाद भीएक बात बाकी रह जाती है—उसे ज़ोर से कहना।और शायदउसे सुनने कीहिम्मत भी।Episode 16 के बादघर में सब कुछबिल्कुल सामान्य लग रहा था।वही दिनचर्या,वही आवाज़ें,वही कमरे।लेकिन Priyam के भीतरकुछ चुपचापअपनी जगह बदल रहा था।अब सवाल“क्या यह रिश्ता सही है?”का नहीं था।अब सवाल था—“क्या मैं तैयार हूँइसे अपना कहने के लिए?”यह सवालउसे डराता नहीं था,बस उसेईमानदार बना रहा था।सुबह Priyamदेर से उठी।नींद पूरी थी,लेकिन मनहल्का नहीं था।वह खिड़की के पासबैठ गई।चाय का कपदोनों हाथों में थामे हुए।नीचे गली मेंबच्चे स्कूल जा रहे थे,दुकानदारशटर खोल रहे थे।ज़िंदगीबिना