तालाब में मिली लाशलेखक: विजय शर्मा एरीगाँव का नाम था रामनगर। छोटे-छोटे कच्चे मकान, हरे-भरे खेत और बीच में एक पुराना तालाब। तालाब गाँव की जान था। सुबह-शाम औरतें वहाँ पानी भरने आतीं, बच्चे नहाते, बुजुर्ग बैठकर बातें करते। पर पिछले कुछ महीनों से तालाब के आसपास एक अजीब-सी खामोशी छाई हुई थी। लोग कहते थे कि रात को वहाँ से अजीब आवाजें आती हैं। कोई हँसी, कोई रोना, कोई आह।रविवार की सुबह थी। सूरज अभी निकल रहा था। गाँव का चौकीदार रामू तालाब की तरफ अपनी रोज की गश्त पर निकला। उसने दूर से पानी में कुछ सफेद-सा देखा।