रामप्रसाद अभी-अभी लौटे थे अपनी धर्मपत्नी दुलारी को डॉक्टर से दवाई दिलवाकर। उनकी धर्मपत्नी को कई दिन से धुंधला दिख रहा था। आँखों में दर्द और धुंध की शिकायत कर रही थी। डॉक्टर ने जाँच के बाद गंभीरता से कहा - मोतियाबिंद पक गया है, दोनों आँखों का ऑपरेशन करना होगा।घर आकर दुलारी ने अपनी बड़ी बेटी विनीता को फोन किया और सारी बात बताई। फोन के दूसरी तरफ कुछ पल खामोशी रही। फिर बड़ी बेटी विनीता ने चिंतित और थोड़े अपराध बोध से भरे स्वर में कहा - "माँ, मैं कैसे आ सकती हूँ, बच्चों की परीक्षा चल रही