जिंदगी की दूसरे किनारा - 33

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जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 33और तभी अचानक से मेघना की कदम अपने आप रुक जाती है उस कमरे की तरफ देखते हुए कुछ सेकंड वैसे ही ठहर जाती है वह कमरा उसके पिता की स्टडी रूम है  उसे इतना याद है तभी वोअचानक देखी है एक छोटी लड़की उस कमरे की तरफ अपनी ननी कदम बढ़ाते हुए  हंसते हुए और डैड डॉड कहते हुए जा रही है उस कमरे में स्टडी टेबल के पास चेयर पर बैठा हुआ है छोटी लड़की के पिता वह कुछ फाइलो पे कलम से लिखते हुए काम कर रहे हैं और सोच रहे हैं और तभी वह बच्ची कमरे के अंदर जाती है और हल्की सी मूरते हुए साइड चलते