नीला आकाशएक सपना, एक संघर्ष और अपनी पहचान पाने की कहानीसुबह का आसमान बिल्कुल साफ था। रात की बारिश के बाद बादलों के छोटे-छोटे टुकड़े अभी भी दूर क्षितिज पर तैर रहे थे। सूरज की हल्की किरणें जब उन बादलों के बीच से निकलतीं, तो पूरा आकाश किसी चित्रकार की बनाई हुई तस्वीर जैसा दिखाई देता।शहर से थोड़ी दूर एक छोटा-सा गाँव था—आशापुर।गाँव के आखिरी छोर पर मिट्टी और ईंटों से बना एक छोटा-सा घर था। उसी घर की छत पर रोज सुबह एक लड़की कुछ देर आसमान को देखा करती थी।उसका नाम था नीला।अजीब बात थी कि उसका