कर्जरमन आज फिर खाली हाथ घर आकर बैठ गये-पत्नी शीला ने पूछा- कंगन लाये?रमन ने कहा आज भी उसने कंगन नही दिये ।शीला बोली- क्यों क्या कहता है अशोक सेठ?वहीं पुरानी बात कि आप रूपये छोड़ दो मैं तीन दिन बादआपको कंगन दे दूँगा।मैं बिना कंगन लिये रूपये उसके पास कैसे छोड़ दूँ, मैने उनकोकहा कि आप पहले कगंन दो मैं ब्याज सहित पूरे पैसे दे देता हूँ औरवह हर बार वही कहता है- पहले पैसे दो तो दो तीन दिन में कगंनदे दूँगा-पत्नी शीला ने कहा- उसकी नीयत ठीक नहीं लगती है - पैसालेकर कहीं कगंन नही दिये तो