एक छोटे से गाँव में रहने वाले दो भाई-बहन, अमित और स्नेहा, का रिश्ता बचपन से ही बेहद गहरा था। अमित बड़ा भाई था, जो हमेशा अपनी बहन स्नेहा की ढाल बनकर खड़ा रहता था, और स्नेहा अपने भाई को ही अपना रोल मॉडल मानती थी। घर की आर्थिक हालत बहुत अच्छी नहीं थी। पिताजी गाँव के एक छोटे से खेत में मजदूरी करते थे, जिससे बमुश्किल घर का राशन पानी चल पाता था।अमित बचपन से ही पढ़ाई में बहुत होशियार था, लेकिन स्नेहा का सपना भी कम बड़ा नहीं था—वह एक डॉक्टर बनना चाहती थी। स्नेहा की आँखों में