रात गहरा चुकी थी। पार्टी धीरे-धीरे खत्म होने वाली थी, लेकिन विराट का मन कहीं और था। वह एक कोने में बैठा था, हाथ में ग्लास लिए, आँखों में संपूर्णा की यादें तैर रही थीं। उसका चेहरा उदास और थका हुआ लग रहा था। उसके दोस्त, राहुल, उसके पास आए। राहुल ने विराट के कंधे पर हाथ रखा।राहुल बोला - भाई, क्यों इतना परेशान होता है? आज का दिन है, मस्ती कर। ये ले, ये पी और जाकर सो जा। तू तो ऑफिस का ओनर है, तेरा तो यहाँ पर्सनल रूम भी है। आराम से सो लेगा।विराट ने ग्लास की तरफ