मार्ग महानता का या, सहजता का?

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          जीवन नश्वर है,हमारी चेतना प्राणमय प्रकृति है , जो सब में एक ही है। और वह ही हमारे जीवन की कुंजी है, और केंद्र है।                        पर हम बहारी विषयों में जीवन की प्राथमिकता को महत्व दे कर अपने मस्तिष्क को धारणाओं और प्रतिक्रियाओं के आधार पर अहम का निर्माण करते है। जो समाज या सामाजिक अलगाव को केंद्र बनाता है। हम बहारी स्वरूपों में सत्य को ढूंढते है , और लोगो के बहारी व्यहवार को ही उनका मूल समझते है। इसी लिए समाज की दुश्वारियों को