नमस्कार दोस्तों! स्वागत है, आप सभी का मातृभारती के एक बेहद अनोखे और आपके होश उड़ा देने वाले सफ़र में।मैं हूँ, आपका दोस्त... धर्मेंद्र कुमार ......अपने यात्रा के अनुभवों को आपसे साझा करने के लिए और आपके ही जज़्बातों को आपसे रूबरू कराने के लिए हाज़िर हूँ....तो चाहिए शुरू करते हैं घुमक्कड़ जिज्ञासा के इस सफ़र को! हर किताब एक सवाल से शुरू होती है। यह किताब भी। फर्क बस इतना है कि यह सवाल आपसे पूछा जा रहा है!- क्या आप सच में वही जिंदगी जी रहे हैं, जो आप जीना चाहते थे? घुमक्कड जिज्ञासा कोई यात्रा-मार्गदर्शिका नहीं है। और इसमें ना