शाम ढल रही थी। होटल के कमरे में हल्की सी ठंडक थी। विराट ने अपने फोन को टेबल पर रखा और वीडियो कॉल मिलाया। स्क्रीन पर गंगा जी का चेहरा आया, और उनके पीछे, सोफे पर बैठा विवान दिखा।विवान का चेहरा उदास था। उसकी आँखें सूजी हुई थीं, जैसे वह रो-रोकर थक गया हो। जब उसने स्क्रीन पर विराट को देखा, तो उसके चेहरे पर एक क्षण के लिए राहत की लहर दौड़ी, लेकिन फिर उसकी नजरें विराट के पीछे खड़ी संयोगिता पर टिक गईं।विराट (मुस्कुराते हुए) बोला - हेलो बेटा! कैसा है मेरा शेर?विवान ने धीमे से सिर हिलाया, लेकिन