अदालत का वह दिन इतिहास में दर्ज हो गया। शहर की सबसे बड़ी अदालत में खचाखच भीड़ थी। मीडिया के कैमरे फ्लैश कर रहे थे, और लोग संयोगिता को एक नजर से देखने के लिए बेकरार थे—कुछ घृणा से, कुछ जिज्ञासा से।लेकिन विराट अडिग खड़ा था। उसके पास सिर्फ प्यार नहीं, बल्कि सच्चाई के ठोस सबूत थे। वकील साहब ने अदालत में उस 'शिकारी' की फाइल खोली, जिसकी हत्या संयोगिता ने की थी। फाइल में ऐसे दस्तावेज थे जो रोंगटे खड़े कर देने वाले थे। उस आदमी पर न केवल संयोगिता के कॉलेज वाले हैरेसमेंट का मामला दबा हुआ था,