विस्मृति भूलना भी सामान्य है

'भूलना' वरदान है या श्राप। एक सामान्य व्यक्ति दिन में कई बार इस समस्या का सामना करता है। पाठकगण आप भी मेरी बातों से सहमत जरूर होंगे। बल्कि आप ये सोच रहे होंगे हाँ मैं भी अक्सर भूल जाता हूँ / जाती हूँ।सबसे ज्यादा हम जो भूलते हैं - 'समय पर दवाई खाना।' कितना ही लिखकर दे डॉक्टर, भोजन से पहले, भोजन के बाद। फिर भी भूल ही जाते हैं। कुछ व्यक्ति चश्मा सिर पर लगाकर चश्मा ढूंढते रहते हैं। कुछ अपनी छतरी भूल जाते हैं। जब घर से निकले तो बारिश हो रही थी, महोदय ने छतरी उठाई चल