अगली सुबह राहुल रोज की तरह ऑफिस पहुंचा।लेकिन पिछली रात की घटनाएं उसके दिमाग से निकल नहीं रही थीं।बारिश...अंजलि के साथ कार में बैठना...और वह अजीब-सा सुकून।राहुल खुद से यही सवाल कर रहा था—“अंजलि के साथ रहकर मुझे इतना अपना-सा क्यों महसूस होता है?”उसे कोई जवाब नहीं मिल रहा था।उसने अपनी सीट पर बैठकर कंप्यूटर चालू किया।तभी उसकी नजर टेबल के कोने में रखी एक फाइल पर पड़ी।फाइल पर कंपनी का पुराना लोगो लगा था।नीचे कुछ साल पुरानी तारीख लिखी थी।राहुल ने फाइल उठाई।जैसे ही उसने पहला पन्ना पलटा, अचानक उसके सिर में तेज दर्द हुआ।“आह...!”उसने अपनी आंखें बंद कर