एपिसोड 69— अनन्या के अंदर कौन है?“अब कहानी मैं लिखूँगी।”अनन्या के मुँह से निकले इन शब्दों ने पूरे कमरे को जैसे जमा दिया था।नैना कुछ कदम पीछे हट गई।अर्णव ने अनन्या को देखा और फिर उसकी माँ की तरफ।माँ के चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था।“नहीं...” माँ के होंठ काँपे, “ये नहीं हो सकता।”नैना ने घबराकर पूछा, “माँ, अनन्या को क्या हो रहा है?”माँ ने जवाब नहीं दिया।वह बस अनन्या को देखती रही।अनन्या वहीं खड़ी थी।उसकी आँखें पूरी तरह काली थीं।चेहरा शांत था।लेकिन वह शांति सामान्य नहीं थी।उसके अंदर कुछ और जाग चुका था।अर्णव धीरे-धीरे उसके पास जाने