अध्याय-२२अपूर्व की बात सुनकर विनय सोच में पड़ गया कि अपने भाई को दिए गए वचन को मुझे निभाना है, तो मैं अपूर्व को हाँ कैसे कहूँ? और फिर भाई-भाभी के गुज़र जाने के बाद हनी का हमारे अलावा यहाँ अपना कहने वाला कोई नहीं है। मैं बहुत सोच-समझकर ही जवाब दूँगा।अपूर्व को विनय की परेशानी समझ आ गई, इसलिए वह बोला, "देखो विनय, तुम बिना किसी जल्दबाज़ी के शांति से सोच-विचार कर और नीला भाभी तथा हनी के मामा व मौसी, सभी से पूछकर जवाब देना। और मैंने भी अभी तुम दोनों के अलावा किसी और से कहाँ कुछ