चैप्टर 2: किसी और के काम आनाआसमान से मौत एक खौफनाक आग के गोले का रूप लेकर बहुत तेजी से नीचे की तरफ गिर रही थी। उस लाल चमकते हुए उल्कापिंड ने पूरे शाम के आसमान को एक डरावने खून जैसे लाल रंग में रंग दिया था। समीर के दिल की धड़कनें इतनी तेज हो चुकी थीं मानो वे उसकी पसलियों को तोड़कर बाहर आ जाएंगी। खौफ से उसकी नसें सुन्न पड़ने लगी थीं और उसका गला पूरी तरह से सूख चुका था। मौत को अपने इतने करीब आते देखकर उसने अपनी जान बचाने के लिए बिना एक भी पल गंवाए उस पुराने बरगद