बहन जी मुझे क्या एतराज है पर आपको यह सब पहले बता देना चाहिए था ??और फिर भूमि को स्वीकार करने का निर्णय तो आकाश का है इसमें हम क्या कर सकते हैं ??सरल बोली --मै आपकी बात समझती हूं बहन जी पर आकाश तो नदान है उसे कहां समझ आएगा यह सब उसे समझाना तो हम बड़ों का ही काम है। आकाश की मम्मी बोली --सुनिए बहन जी आकाश नादां जरूर है पर इतना भी नहीं और उसकी जीवन संगिनी चुनने का अधिकार उसका स्वयं का है क्योंकि पूरा जीवन उन्हें ही एक दूसरे के साथ निभाना है।हमारा क्या हम