DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 2 Scene 5

  • 138

दोपहर ढलने लगी, बादल घिरे हुए थे, हवाएं ठंडी और तेज़ चल रही थी। मीरास महल से आए हुए सामान बाक़ी सामानों के साथ मिसकिनो में बट चुके। जाने वाले चले गए और ठहरे हुए लोगों के लिए दस्तरख्वान लगा दिया गया। पीर बाबा के हुक़्म से महल के लोगों के लिए ठहरने का इंतज़ाम मेहमान ख़ाने में हुआ, अम्मा साहब, कुसुम, वायला, बिलाल और बिलाल के दोस्त हारून जो अभी अभी ही दरगाह आया है पीर बाबा और अम्हेल के साथ आराम के लिए मेहमान ख़ाने पहुंच गए। मेहमान ख़ाने में उनके आराम के लिए ख़ासा इंतेज़ाम था, चाय पानी