एपिसोड 56— तस्वीर में कैद सचआयत के हाथ कांप रहे थे।उसकी नजर मोबाइल की स्क्रीन पर जमी हुई थी।स्क्रीन पर वही तस्वीर थी।एक घर के बाहर खड़ा एक आदमी...और चेहरा बिल्कुल उसके पिता नासिर खान जैसा।आयत ने कांपती आवाज में कहा,“ये मेरे पापा हैं...”अर्जुन कुछ नहीं बोला।वह तस्वीर को लगातार zoom करके देख रहा था।आदमी का चेहरा साफ था।बाल...आंखें...चेहरे की बनावट...सब कुछ नासिर खान जैसा था।लेकिन अर्जुन के दिमाग में एक सवाल बार-बार घूम रहा था।अगर नासिर जिंदा थे, तो इतने सालों से कहां थे?आयत ने उसका हाथ पकड़ लिया।“अर्जुन... मेरे पापा जिंदा हैं।”“हो सकता है।”“हो सकता है नहीं।”आयत की