Mr. & Ms. FakeEpisode 45 – तीन बहनें, तीन सचधड़ाम!मिल का भारी लोहे का दरवाजा उनके पीछे बंद हो गया।सान्वी ने तुरंत पलटकर देखा।राघव बाहर खड़ा था।उसका चेहरा शांत था, जैसे वह पहले से जानता हो कि अब जो होने वाला है, उससे कोई वापस नहीं जा सकेगा।सान्वी ने दरवाजे की तरफ बढ़ना चाहा।“राघव!”कोई जवाब नहीं।“नैना कहाँ है?”कुछ सेकंड बाद अंधेरे में उसकी आवाज गूँजी—“आगे बढ़ो।”“वहीं है।”सान्वी ने आर्यवीर का हाथ कसकर पकड़ लिया।“मुझे इस आदमी पर बिल्कुल भरोसा नहीं है।”आर्यवीर ने धीमे से कहा—“मुझे भी नहीं।”“फिर?”“लेकिन नैना को ढूँढना है।”दोनों आगे बढ़े।पुरानी मिल के अंदर हर तरफ जंग लगी