ध्रुव की तारा - भाग 14

(33)
  • 789
  • 246

ध्रुव की ताराभाग - १४लेखिका: "अनामिका"​अस्पताल से डिस्चार्ज होकर जब सुमन घर वापस आईं, तो घर की फ़िज़ा में फैली बीमारी की खामोशी हर किसी को उदास कर रही थी। विजय जी ने शुरुआत के कुछ दिन ऑफिस से छुट्टी लेकर सुमन का पूरा ख्याल रखा, लेकिन काम की मजबूरियों के चलते उन्हें जल्द ही काम पर लौटना पड़ा। ऐसे में तारा और उसकी माँ सुधा, सुमन के लिए सबसे बड़ा सहारा बनकर उभरीं।​रोज़ की तरह जैसे ही स्कूल की घंटी बजती, तारा के कदम खुद-ब-खुद ध्रुव के घर की तरफ दौड़ पड़ते। घर पहुँचते ही, बिना कुछ खाए-पिए, वह