पहला प्यार - 3

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अधूरी यादअगली सुबह आरव की आँखें खुलीं तो उसके दिमाग में पिछली रात की वही बात घूम रही थी।“अगर तुम्हारे बेटे को मीरा से प्यार हो गया… तो वही पुरानी कहानी फिर शुरू होगी।”आरव बिस्तर से उठा और सीधे अपने पिता के कमरे में गया।“पापा।”उसके पिता अखबार पढ़ रहे थे।उन्होंने अखबार नीचे रखा।“क्या हुआ?”आरव ने सीधे पूछा,“आप मीरा के परिवार को जानते हैं?”कमरे में अचानक खामोशी छा गई।उसके पिता ने कुछ सेकंड तक आरव को देखा।“तुमने ये नाम कहाँ से सुना?”“बस इतना बताइए कि आप जानते हैं या नहीं।”“आरव, इस बारे में बात मत करो।”“क्यों?”“क्योंकि ये बहुत पुरानी बात है।”आरव