भाग 2: नीम के पेड़ की छाँवरघुनाथ जी ने उस शाम सोनू को न केवल गणित का वह कठिन अध्याय समझाया, बल्कि उसे यह भी सिखाया कि किसी भी समस्या से डरने की जगह उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर हल करना चाहिए। सोनू उस रात बहुत खुशी-खुशी अपने घर गया। अगले दिन जब गणित की परीक्षा हुई, तो सोनू ने सारे सवाल बिना किसी हिचकिचाहट के हल कर दिए। जब दो दिन बाद परिणाम आया, तो सोनू को कक्षा में सबसे ज्यादा अंक मिले थे।पूरे स्कूल में सोनू की तारीफ होने लगी। जब उसके दोस्तों ने पूछा कि उसने इतनी