रात का समय था। स्टेशन ने जब मुझे वापस उसी शहर में लाकर उतारा, तो कुछ पल के लिए मैं वहीं खड़ा रह गया। वही शहर... जिससे मैं कभी भागकर दूर चला गया था। पता नहीं वह डर था या हालात का असर, लेकिन मैंने एक पल में ही यह ज़िंदगी छोड़कर अपने गाँव, अपनी नानी के पास जाने का फैसला कर लिया था। शायद उस वक्त मुझे लगा था कि इस शहर से जितना दूर जाऊँगा, उतना ही अपने अतीत से भी दूर हो जाऊँगा। लेकिन अब जब मैं फिर उसी शहर में खड़ा था, तो मन के किसी