हैवान - एपिसोड 1

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​कमरे के पुराने शीशे के सामने खड़े नील का जिस्म आग की भट्टी की तरह दहक रहा था। खिड़की से छनकर आती पूरनमासी के चाँद की दुधिया रोशनी जैसे ही उसके बदन पर पड़ी, उसकी नसों में दौड़ता ज़हर खौल उठा।​"अहहह... माँ!"​नील के हलक से एक दर्दनाक चीख निकली, लेकिन अगले ही पल वह चीख किसी भारी, हिंसक गुर्राहट में बदल गई। उसकी रीढ़ की हड्डी चटकने लगी। हड्डियाँ टूटकर दोबारा जुड़ रही थीं, और उनका आकार दोगुना हो रहा था। उँगलियों के नाखून मांस चीरते हुए काले, नुकीले पंजों में तब्दील हो गए। उसके गोरे चेहरे और बदन पर