गलतफहमी

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कहानी - गलतफहमीममता ने आज घर का काम बिजली की फुर्ती से निपटाया। आंगन में दोनों बच्चे, गोलू और गिन्नी, गृहकार्य में सिर खपाए बैठे थे।ममता ने दुपट्टा संभालते हुए बड़ी बेटी से कहा, "गिन्नी, सुन! आज राशन की दुकान खुली है। पड़ोस वाली शर्मा आंटी बता रही थीं कि आज मिट्टी का तेल भी बटेगा। मैं उन्हीं के साथ तेल लेने जा रही हूँ। तुम दोनों भाई-बहन लड़ना मत, पढ़ाई करना।""ठीक है मम्मी," दोनों ने एक सुर में कहा।ममता थैला लेकर निकल गई। घर में पढ़ाई चलती रही।तभी दरवाजे पर खटपट हुई। बच्चों के पिताजी, रमेश बाबू, आज दफ्तर