गरीब के बहते आंसु - 5

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हरखू — जिंदगी और याददाश्त के बीचकई दिन बीत चुके थे।शहर के एक निजी अस्पताल में हरखू जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था। उसके सिर के बाएँ हिस्से में लगी चोट बेहद गंभीर थी। भीतर रक्त जम गया था, जिसके कारण मस्तिष्क के एक महत्वपूर्ण हिस्से में रक्तसंचार प्रभावित हो गया था।डॉक्टर रंगनाथन और उनकी टीम लगातार उसके इलाज में जुटी थी।उधर, सैकड़ों किलोमीटर दूर उसका घर जैसे हरखू के बिना धीरे-धीरे अपनी आवाज खो रहा था।हर सुबह हरखू घर के आँगन में मुर्गियों और कबूतरों को दाना डालता था। उसके कदमों की आहट सुनते ही मुर्गियाँ