अभी वो कॉरिडोर की तरफ बढ़ ही रहा था कि बाबा की पत्नी ने अचानक सामने आकर रोक लिया।तेज़ आवाज़ में बोली –“मेरे पति को जलेबी किसने खिलाई थी? कौन था वो?”उसके लहजे में गुस्सा कम और शक ज़्यादा था।डॉक्टर प्रकाश मुस्कुराने की कोशिश करता हुआ बोला –“अच्छा... चलो, मैं मिलवा देता हूँ आपको उससे, जिसने बाबा को जलेबी खिलाई थी।”मन ही मन सोचते हुए उसके माथे पर पसीना छलक आया।सोचने लगा – “अब अनन्या को सुनना ही पड़ेगा... तभी समझेगी कि ड्यूटी पर भावुकता दिखाने का अंजाम क्या होता है।”प्रकाश उन्हे ले कर डीन के कमरे की तरफ मुड़