जिंदगी की दूसरे किनारा पार्ट 35और वही कुछ देर के बाद डॉक्टर देव अस्पताल पहुंचे है वह सभी को इग्नोर करते हुएनिकले फ्लोर के हॉलवे से भागते हुए लिपि में जाता है और वही आते जाते कुछ नर्स उन्हें नजरे घूम कर देखते हैं और कुछ डॉक्टर सीऔर तभी डॉक्टर देव अचानक मुड कर खड़े होते हैं और अचानक लिपि बंद होता है और कुछ देर बाद लिप रूकती है ऊपरी फ्लोर पर और वह लिफ्ट से निकाल कर मूरते हुए और गहरी गहरी सांस लेते हुए हफ्ते हुए और धीरे-धीरे पसीनो से भरते हुए वो फिर से दौड़ते हुएसीधे अपने पेशेंट की रूम की तरह भागता है और वही रास्ते