DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 5 Scene 1

गहरे सन्नाटे के गुज़र जाने के बाद आज फिर मीरास महल में हुल्लड़ शुरू हो गई। मंत्रियों का आना जाना, काम के साथ साथ नौकर चाकर की गपशप, और काम सही न होने पर डांट पड़ना। मीरास महल में बीते हादसे ने सब खामोश कर दिया था , लेकिन अहलम की अठारवीं सालगिरह नज़दीक होने की वजह से सबके मन में एक आस आ गई थी, सबके अंदर एक जोश आ गया था, और उसकी तैयारी भी शुरू हो गई थी। आज महल की सफाई का काम भी ज़ोरो शोर पर था। जिस शोर से महल उकता गया था आज नजाने क्यों