Devil की दास्तान - 58

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सिमरन करन के पास बिस्तर पर बैठी है। करन अब पूरी तरह जाग चुका है। सिमरन उसकी आँखों में देखती है, हल्की झिझक के साथ।)सिमरन (हल्की आवाज़ में, जिज्ञासु और डरते हुए) बोली - "पर… उस रात जब आपने मेरा खून पिया… उसके बाद मैं नहीं जागी। तो फिर… आपने मुझे कैसे ठीक किया?”(करन उसके हाथ को अपने हाथ में लेता है। उसकी आँखों में गंभीरता और प्यार दोनों झलक रहे हैं।)करन (धीमे और गंभीर स्वर में) बोला - “सिम्मी… उस रात जब मैं तुम्हें जगाने की कोशिश कर रहा था,और हर बार तुमने मना किया, मैं तुम्हें अपने सीने से लगाकर