दृश्य वहीं से शुरू होता है...युई धीरे से अपना फोन नीचे रख देती है।उसकी आँखों से निकला आँसू का एक कतरा गाल पर बह जाता है।वह उसे हल्के से पोंछती है, फिर अपने पेट पर हाथ रखकर मुस्कुराने की कोशिश करती है।"कोई बात नहीं, बच्चा... ""अगर पापा से बात नहीं हुई, तो ज़रूर किसी ज़रूरी काम में बिज़ी होंगे।"उसने गहरी साँस ली और खुद को संभालते हुए नीचे चली गई।---डाइनिंग हॉल...समर जैसे उसी का इंतज़ार कर रहा था।युई को देखते ही बोला—"आइए, भाभी जी।"युई हल्की मुस्कान के साथ बोली—"हाँ... लंच का समय हो गया है ना।""और आपने भी अभी तक