अनकहा सच (भाग -7)

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हितेश के यह कहने पर कि "मैं चलता हूँ...", राजू ने सहमी और शर्मिंदा आँखों से उसकी तरफ देखा और धीमी आवाज़ में बस इतना ही कह पाया, "ह्म्म्म..."हितेश अपनी बाइक उठाकर चला गया।उसके जाते ही राजू का दिल टूट गया। उसे बेहद बुरा लग रहा था। यही तो वह सबसे बड़ा कारण था जिसकी वजह से राजू हितेश को अपने घर और परिवार के बारे में कुछ नहीं बताना चाहता था। राजू को हमेशा से लगता था कि उसके घर के इस खौफनाक माहौल और पिता की हरकतों की वजह से ही आज तक उसका कोई दोस्त नहीं बन