एपिसोड 12 (पाप का घड़ा और न्याय)पुल की टूटी लकड़ी के बीच पॉल का पैर फंसा हुआ था और वह नदी से करीब तीस फीट ऊपर हवा में उल्टा लटक रहा था। नीचे नदी के पानी में हलचल तेज़ हो चुकी थी; पिराना मछलियाँ और मगरमच्छ उस तैरते हुए शिकार को भांप चुके थे। ऐशली और रोज़ी पुल के दूसरे छोर पर खड़ी थीं। ऐशली का चेहरा डर और चालाकी के मिले-जुले भावों से भरा था, उसे अंदाज़ा नहीं था कि उसकी इस हरकत का नतीजा इतना भयानक होगा।"लारा! मैट! मुझे बचाओ! मैं गिर रहा हूँ! पॉल की चीखें पूरी